Marigold Flowers in Hindi । गेंदा का फूल | गेंदे के फूल कैसे उगायें

Marigold Flowers in Hindi । गेंदे का फूल

Marigold Flower in Hindi
Marigold Flower Information in Hindi
हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप उम्मीद है अच्छे है होंगे तो आज हम जानेगे गेंदा के फूल के बारे (Marigold Flower In Hindi) (About Marigold Flower) में जिसे इंग्लिश में Marigold Flower भी कहा जाता है। गेंदा का फूल बहुत है आसानी से उगाये जाना वाला फूल है, गेंदा के फूल का सबसे ज्यादा उपयोग सजावट करने के लिए किया जाता है। यह फूल देखने में बहुत ज्यादा सुंदर और आकर्षक होता है, इसकी खुशबू भी बहुत अच्छी होती है,ओर सबसे ज्यादा गेंदा के फूलों की माला बनाई जाती है। क्या आप जानते है कारगिल युद्व के दौरान घायल सैनिकों के घावों पर भी गेंदे के फूलों का रस लगाया गया था है, जिससे उनको जल्दी आराम मिल सके गेंदा एक एंटीसेप्टिक ओसिद्धि है जिसका विस्तार आयुर्वेद मे भी मिलता है।

1: गेंदे का फूल (Genda Ka Phool) या (Marigold Flower) की पूरी दुनिया मे खेती की जाती है, अफ्रिका ओर एशिया महाद्वीप मैं गेंदा की सबसे ज्यादा खेती की जाती है। सबसे ज्यादा मांग गेंदा के फूल की भारत देश मे की जाती है, क्योकि यहाँ पर गेंदा आसानी से मिल जाता है इसलिए सजावट मैं इसका प्रयोग किया जाता है।


2: गेंदा के फूल की मुख्यतः दो प्रकार की जातियां है, अफ्रिकी गेंदा का फूल और फ़्रेंच गेंदा का फूल। वैसे तो गेंदे के फूल की ओर भी प्रजातियां है जिसमे से कुछ निम्न है: सिग्नेट मैरीगोल्ड, मुले गेंदा। कहा जाता है कि सबसे पहले गेंदा के खेती मैक्सिको मैं हुई थी इसलिये मैक्ससीको को गेंदे के फूल (Marigold Flower) का मूल स्थान मन जाता है।

3: सबसे ज्यादा बाजार मे मिलने वाला गेंदा का फूल (Marigold Flower) पीले रंग का होता है, लेकिन साथ मैं ओर रंग के फूल भी बाजार मे मिल जाते है जिनका रंग हल्का पीला ओर साथ मे नारंगी मिक्स रहता है। अगर आप इस फूल की पंखुड़ियों को मुँह में लेंगे तो इसका स्वाद कड़वा होता है। गेंदे के फूल भी कई प्रकार के होते है कुछ बहुत बड़े और कुछ छोटे, छोटे गेंदे के फूल ज्यादातर दो रंग के होते है, इस फूल की पंखुड़िया बहुत सारी होती है, फूल के बीच मैं छोटी-छोटी और बाहर की ओर बड़ी पंखुड़िया होती है।

4: जिस तरह इंसानो में नर और मादा होते है उसी तरह गेंदा के फूल मैं भी दो तरह के जननांग पाए जाते है। इसकी सबसे ज्यादा खास बात यह होती है कि यह बारह महीने खिलता है पुराने फूल पक जाने पर नये फूल आ जाते है।


How Many Types of Marigold Flower

5: गेंदा का पौधा कई प्रकार का होता है, कुछ 4 - 5 फुट के होते है और कुछ जमीन से 1-2 फुट तक ही रहते हैं। इसके पौधे की पत्तियां हरी ओर दाँतेदार होती है, जिनकी लंबाई 1-२ इंच तक कि होती है, जिसकी चोड़ाई आधा इंच होती है। यह फूल ज्यादातर सर्दियों के मौसम में खिलते है।

6: गेंदा के फूल (Marigold Flower) के पौधे को लगाने के लिये बीज रोपण की आवश्यकता होती है तथा आप गेंदे के पौधे को कलम द्वारा भी लगा सकते हैं।

7: गेंदे के फूल के पौधे का जीवन काल 4-5 महीने का होता है, यह एक ऐसा पौधा है जिसकी खेती हर साल की जाती है।

Marigold Flower in Hindi

अगर आपके घर मे गेंदे के Phool के पौधे पर फूल नहीं आ रहा तो क्या करे?

इसके लिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है पहले ये देख ले कि जो पौधे आपने लगाए क्या वो उसी सीजन के है जिस सीजन मैं आप फूल उगाना चाहते है, अगर उसी सीजन के है फिर भी फूल नही आ रहे तो अपने गमले या बगीचे की मिट्टी चेक कर की कही वो ज्यादा कठोर तो नही हो गयी है, ये सारी चीजें करने के बाद आपके पौधे पर निशित है फूल आ जायेंगे और जो फूल पौधे पर सूख जाते है उन्हें कैंची से उस जगह से काट देना चाहिए जहाँ तक वो सुख चुका हो इससे आपके पौधे ज्यादा जल्दी बढेगें ओर ज्यादा फूल आयेंगे।


गेंदे के फूल का प्रयोग  Use of Marigold Flower in Hindi

1 :  गेंदा का फूल पूजा-पाठ करने मे भी उपयोग किया जाता है। और शादी-विवाह मैं इसके फूलों से सजावट भी करते है और शादी मैं जयमाला पर इसकी बानी माला वर-वधू को देकर एक दूसरे के गले मे पहनते है।
राजनीतिक समारोह मे भी सम्मानित करने के लिए गेंदा के फूल की माला का उपयोग किया जाता है।

2: गेंदे के फूल की खुशबू बहुत मनमोहक होती है इसलिये इसका उपयोग इत्र बनाने मे भी किया जाता है साथ ही एक लंबे समय तक ताजा रहता है।

3: गेंदे के फूल को आयुर्वेद मैं विशेष महत्व दिया गया है, माना जाता अगर गेंदे के फूल का पौधा घर मे या बगीचे मैं लगाया जाए तो मच्छर नहीं आते। अगर आपके त्वचा पर कही दाद या खाज खुजली होती है या कान मैं दर्द होता है तो उसमें गेंदे के रस लगाने से आराम मिलता है।

4: गेंदे के फूलों का रंग निकाला जाता है जिसका प्रोयग टेक्सटाईल कारखानों मैं किया जाता है।

5: गेंदे के पोधो को पानी देते समय फूलों पर पानी नहीं डालना चाहिए इससे अगर पानी फूल की पत्तियों पर रुक गया तो उस पर फंगस लगनी स्टार्स हो जाती है जिससे आपका सारा पोधा खराब हो सकता है। अगर पोधा ज्यादा गंदा हो चुका है बहुत धुल जम चुकी है तो सुबह के समय आप पानी दे सकते जिससे सारा पानी धूप मैं जल्दी सुख जाएगा।

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गेंदा के फूल की खेती कैसे करे - 

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गेंदे के फूल की खेती के लिए भूमि (मिट्टी) का चुनाव :- Selection of land for cultivating marigold flowers
1: गेंदे की खेती करने के लिए हमे एक उचित भुमि का चयन करना होता है ऐसी भूमि जिसमें जल निकास आसानी से हो जाये और जिसकी मिट्टी बलुई ओर दोमट हो ओर उसका Ph मान PH मान 5.6 से 6.5 अंदर हो ओर यह मिट्टी जितनी ज्यादा दानेदार ओर रेतीली होगी उतना ही अच्छी फसल होगी।

2: गेंदे के फूल की खेती के लिए तापमान 15 डिग्री - 30 डिग्री होना चाहिए। अगर तापमान 15 डिग्री से कम है तो आप अपने पौधे को पाले से बचाये रखे, ओर ज्यादा गर्मी मैं गमलो को छाया मैं रखे।



गेंदे के फूल के बीज कब बोए जाने चाहिये उसका सही समय क्या है-

गेंदे के फसल को मौसम के अनुसार लगाया जाता है वैसे तो गेंदे के फूल बारह महीने आता है अगर आप इसको बोना चाहते हो तो बरसात के दिनों मैं  जून से जुलाई के दिनों मैं बो सकते हो यह सही समय है।

अगर आप गेंदे के फूल के पौधे को सर्दियों के समय उगाना चाहते हो यो उसके लिए सितंबर से अक्टूबर के सही समय माना जाता है।

ओर इसका आखिरी समय है गर्मी, गर्मियो मैं भी गेंदे की खेती की जाती है इस मौसम मैं अगर आप गेंदे के पोधो का रोपण करना चाहते हो तो फरवरी से मार्च का सही समय है।

Note:  गेंदे की किस्म ऊपर भी पोस्ट मैं बतायी गयी है पर ये विस्तृत रूप में है।

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गेंदे के फूल कितने प्रकार का होता है। (How Many Types of Marigold Flower)

गेंदा के फूल की सामान्यता दो प्रकार की किस्म पायी जाती है अफ्रीकन गेंदा ओर फ़्रेंच गेंदा होती है।
गेंदे के फूल का पौधा एक बहुत है महत्वपूर्ण और आसानी से उगाया जाने वाला पौधा है इसकी बहुत सी किस्म है कुछ किस्मों के प्रकार इस तरह है:

1: पूसा अर्पिता (Pusa Arpita)
इस प्रजाति के फूल मधय आकार के ओर हल्के नारंगी होते है जो उत्तरी मैदानी इलाकों मैं उगाये जाते है जिनका समय आधे नवंबर से लेकर फरवरी तक रहता है।

2: पूसा बसंती मैरीगोल्ड (Pusa Basanti Marigold)
इस प्रजाति के गेंदे के फूल के पौधे की बीज के 130-150   दिन बाद आने लगते है यह पौधे बगीचों घरो के गमलो मैं उगाने के लिए सबसे अच्छी है।

3: पूसा नारंगी गेंदा (pusa narangi marigold)
इस प्रजाति के गेंदे के फूल गहरे नारंगी रंग के होते है जो थोड़े से घूमावदार होते है जो बुवाई के 130-140 दिन बाद आने लगते है, इस प्रजाति के फूलों का उपयोग मुर्गी के दाने, खाद्यय पदार्थो, एवं दवाओं मैं भी किया जाता है।


गेंदे की खेती करने के लिए खेत की तैयारी कैसे करे -

गेंदे की फसल उगाने के लिए सबसे पहले जिस खेत मे फसल उगानी है उसकी अच्छे से जुताई करनी होती है काम से कम 2 बार उसके बाद फसल लगाने से पहले उस खेत मे गोबर की खाद डालनी चाहिए ताकि उस खेत की मिट्टी और ज्यादा उपजाऊ हो जाये ओर फसल ज्यादा तेजी से बड़े ओर पोधा लगाने से पहले प्रति एकड़ मैं 200 किलो सिंगल सुपर फास्फेट (Single Superphosphate) और 135 किलो म्यूरेट ऑफ़ पोटाश खाद अच्छी तरह से मिला देते है ओर जब पौधा बीज से निकल जाता है तो उसको हम खेत मे लगा सकते है।



गेंदे के पौधे बड़े होने के बाद उनकी देखभाल कैसे करे (Care of Marigold Plant)

जब पौधे बड़े होने लगते हो तो उनमें कीड़ा लगने का डर रहता है जो पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है इससे बचने के लिए खेत मे समय समय पर रासायनिक दवाइयों का उपयोग करते रहे और निराई गुड़ाई का ध्यान रखे जिससे गेंदा के पोधो पर अच्छे फूल आये और फसल भी ज्यादा हो।

गेंदे के फूल की खेती से कमाई How Many Earn Marigold Farming -

भारत मे सबसे ज्यादा उगाएँ जाने वाले फूलो मैं से एक है गेंदे के फूल जो सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। जो हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है ओर हर मौसम मैं अगर इससे होने वाली कमाई की बात करे तो तो इसके प्रति एक किलो बीज को 1150 - 1350 रुपये तक बेचा जा सकता है और ताजे फूलों की की कमाई अलग है, जिससे ये साबित होता है की गेंदे की खेती मैं सामान्य खेती से ज्यादा मुनाफा होता


Note – यह पोस्ट Marigold Flower Information In Hindi गेंदे का फूल (Genda Ka Phool) की जानकारी पर आधारित है। आपको यह कैसी लगी। यह पोस्ट “Genda Flower in Hindi” अच्छी लगी हो तो इसे शेयर करे।

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